* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।
सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।
बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
Gupt Navratri is especially critical for individuals who are deeply involved in the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the best time to realize results in Unique sadhana and to obtain blessings from the Guru.
गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठान व्यक्ति के जीवन से संकट, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
Uday Navratri, also called Prakat click here Navratri, is thoroughly celebrated from north to south and east to west with fantastic enthusiasm and zeal. They symbolize Local community occasions that has a information of devotion and triumph of fine around evil.
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।
गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।
यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।